सिस्टेमेटिक विदड्रॉअल प्लान (SWP) क्या है?
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कुछ लोग नियमित आय के लिए म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करते हैं और आमतौर पर डिविडेंड पाने के विकल्प को देखते हैं। ऐसे इन्वेस्टर्स की जरूरत को पूरा करने के लिए, कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स, खासतौर पर डेट फंड्स, इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विदड्रॉअल (IDCW) ऑप्शन प्रदान करती हैं, जिसमें मासिक या तिमाही आधार पर डिविडेंड दिया जाता है, बशर्ते स्कीम के पास सरप्लस उपलब्ध हो। यह समझना जरूरी है कि डिविडेंड, स्कीम द्वारा अर्जित प्रॉफिट या गेन से वितरित किए जाते हैं और यह किसी भी महीने में गारंटीशुदा नहीं होते। फंड हाउस लगातार डिविडेंड देने का प्रयास करता है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटेबल सरप्लस पूरी तरह मार्केट मूवमेंट और फंड परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है।
नियमित अंतराल पर इन्वेस्टमेंट से विदड्रॉअल करने का एक और तरीका है: सिस्टेमेटिक विदड्रॉअल प्लान (SWP)। इसमें इन्वेस्टर को हर महीने एक निश्चित रकम विदड्रॉ करने की जरूरत होती है। निर्धारित तारीख पर, उस निश्चित रकम के बराबर यूनिट्स रिडीम कर ली जाती हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई इन्वेस्टर ₹10 लाख इन्वेस्ट करता है और हर महीने ₹10,000 विदड्रॉ करने का अनुरोध करता है, तो हर महीने 1 तारीख को ₹10,000 के बराबर यूनिट्स रिडीम कर दी जाएंगी।
यह समझना जरूरी है कि डिविडेंड और SWP का टैक्स ट्रीटमेंट अलग-अलग होता है, इसलिए इन्वेस्टर्स को अपनी योजना सोच-समझकर बनानी चाहिए।
सिस्टेमेटिक विदड्रॉअल प्लान (SWP) की आम विशेषताएँ:
- फ्लेक्सिबिलिटी: इन्वेस्टर अपनी जरूरत के अनुसार विदड्रॉअल की राशि और आवृत्ति (मासिक, तिमाही आदि) चुन सकता है।
- बैलेंस ग्रोथ: जितना पैसा विदड्रॉ किया जाता है, उसके अलावा बचा हुआ इन्वेस्टमेंट फंड्स में लगा रहता है और संभावित रूप से रिटर्न अर्जित करता रहता है।
- टैक्स लाभ: SWP से विदड्रॉ की गई राशि का मूलधन (Principal) टैक्सेबल नहीं होता, जिससे एकमुश्त विदड्रॉअल की तुलना में टैक्स बोझ कम हो सकता है।
अपने इन्वेस्टमेंट में SWP सेटअप करने के स्टेप्स:
स्टेप 1: सही फंड चुनें - ऐसा म्यूचुअल फंड चुनें, जो आपके इन्वेस्टमेंट गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता के अनुकूल हो।
स्टेप 2: विदड्रॉअल राशि तय करें - अपनी नियमित खर्चों को ध्यान में रखते हुए वह निश्चित राशि तय करें, जो आपको विदड्रॉ करनी है।
स्टेप 3: फ्रीक्वेंसी सेट करें - यह तय करें कि आप कितनी बार विदड्रॉअल करना चाहते हैं (मासिक, तिमाही आदि)।
स्टेप 4: SWP शुरू करें - अपने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर, फाइनेंशियल एडवायजर के जरिए या AMC के पोर्टल पर डायरेक्ट प्लान के तहत इसे एक्टिवेट करें, ताकि एक्सपेंस रेशियो कम रहे।
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स्टेप 5: इन्वेस्टमेंट मॉनिटर करें - समय-समय पर बचे हुए फंड्स की समीक्षा करें, ताकि इन्वेस्टमेंट लंबे समय तक चले और जरूरत के अनुसार बदलाव करें।
इस इन्वेस्टमेंट और विदड्रॉअल प्लान को अपनाने से पहले ध्यान देने योग्य बातें:
- कोष की स्थिरता: यह सुनिश्चित करें कि निकाली जाने वाली राशि आपके इन्वेस्टमेंट के आकार और अपेक्षित रिटर्न के आधार पर लंबे समय तक टिकाऊ है।
- मार्केट परफॉर्मेंस: इस बात को समझें कि आपके इन्वेस्टमेंट का मूल्य मार्केट कंडीशन्स के अनुसार बदल सकता है।
- एग्जिट लोड और चार्जेस: SWP के दौरान विदड्रॉअल पर लागू होने वाले चार्जेस और एग्जिट लोड की जानकारी प्राप्त करें।
- महंगाई: समय के साथ महंगाई आपके विदड्रॉअल की परचेसिंग पावर को कम कर सकती है, इसलिए इसे भी ध्यान में रखें।
म्यूचुअल फंड में SWP का आम उपयोग:
इक्विटी फंड्स दीर्घकालिक ग्रोथ के लिए उपयुक्त होते हैं, हालांकि वे बाजार में उतार-चढ़ाव का सामना करते हैं।
डेट फंड्स ऐतिहासिक रूप से स्थिर रिटर्न देने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन गारंटीशुदा रिटर्न नहीं देते, इसलिए वे कंज़र्वेटिव इन्वेस्टर्स के लिए आदर्श माने जाते हैं।
अगर आप अपने इन्वेस्टमेंट को जल्दी विदड्रॉ करते हैं, तो भविष्य की जरूरतों के लिए बहुत कम बच सकता है। SWP में एक निश्चित भुगतान होता है, जिससे इन्वेस्टमेंट बैलेंस धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन यह एक टिकाऊ वित्तीय योजना बनाने में मदद करता है।
अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।