आपके सवाल

म्यूच्यूअल फंड वितरक और निवेश सलाहकार में क्या भिन्नता है?

यद्यपि दोनों ही आपके निवेश निर्णय में मदद के लिए हैं, जिनमें म्यूच्यूअल फंड्स स्कीम का चुनाव भी शामिल है, तथापि, जैसा की नाम से विदित है, म्यूच्यूअल फंड वितरक म्यूच्यूअल फंड उत्पादों पर ही तवज्जो देता है और निवेश सलाहकार के पास प्रस्तावित सेवाएं और उत्पाद ज़्यादा हैं|

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म्यूच्यूअल फंड्स निवेश में क्या जोखिम शामिल हैं?

हम सब ने यह सुना ही है: ‘म्यूच्यूअल फंड निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है', ‘कभी सोचा है, ये जोखिम क्या हैं?
सब जोखिम सारे म्यूच्यूअल फंड योजनाओं पर असर नहीं करते हैं| स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट, (SID) कौन सा जोखिम हमारे चुने हुए किस स्कीम पर लागू होगा, यह समझने में मददगार है|

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वो कौन सी गलतियाँ हैं जो लोग म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश दौरान कर बैठते हैं?

निवेश करते वक़्त निवेशक का गलतियाँ करना किसी भी निवेश के साथ हो सकता है, और म्यूच्यूअल फंड कोई अपवाद नहीं हैं|

म्यूच्यूअल फंड्स के निवेश में होने वाली कुछ साधारण गलतियाँ इस प्रकार हैं:

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KYC क्या है?

KYC “नो योर कस्टमर” का संक्षिप्त रूप है और इसे किसी भी वित्तीय कंपनी के खाता खोलने की प्रक्रिया में ग्राहक पहचान विधि स्वरुप इस्तेमाल किया जाता है| KYC ग्राहक की पहचान और पता प्रासंगिक सहायक दस्तावेजों के ज़रिये सिद्ध करता है मिसाल के तौर पर निर्धारित फोटो ID (PAN कार्ड, आधार कार्ड) पते का सबूत और इन-पर्सन वेरिफिकेशन (IPV).

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म्यूचुअल फंड किस तरह से जोखिम प्रबंधन में सहायता करते हैं?

जोखिम कई रूपों में दिखते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास किसी कंपनी के शेयर हैं तो मूल्य जोखिम या बाज़ार जोखिम या कंपनी विशिष्ट जोखिम होते हैं। उपरोक्त कारणों में से किसी एक या उनके मिश्रण से केवल उसी कंपनी के शेयर मूल्य गिर सकते हैं या बरबाद हो सकते हैं। 

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मुझे कबसे म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश प्रारम्भ करना चाहिए?

एक बड़ी खूबसूरत चीनी कहावत है, ’पेड़ लगाने का सबसे बढ़िया वक़्त २० साल पहले था, दूसरा वक़्त आज है’|

किसी के पास कोई कारण ही नहीं है कि वो निवेश करने में विलम्ब करे सिवा इसके कि उसके पास निवेश हेतु धन नहीं है| इसके अंतर्गत, बेहतर है कि म्यूच्यूअल फंड्स का इस्तेमाल हो बजाय कि अपने आप कर लिया जाए|

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तो फिर ये क्यों कहते हैं कि म्यूचुअल फंड बाज़ार जोखिम के अधीन हैं?

म्यूचुअल फंड, प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं और प्रतिभूतियों की प्रकृति योजना के उद्देश्य पर निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए, कोई इक्विटी या ग्रोथ फंड कंपनी शेयरों में निवेश करेगा। कोई लिक्विड फंड डिपॉजिट के सर्टीफिकेट और कॉमर्शियल पेपरों में निवेश करेगा।

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मैं अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन कैसे करुंगा?

प्रत्येक निवेशक अपने आप में न केवल निवेश उद्देश्यों के संबंध में बल्कि जोखिम के दृष्टिकोण और संबंध में भी अलग होता है। यह बात निवेश से पहले जोखिम प्रोफाइलिंग को बेहद महत्वपूर्ण बना देती है।

कोई जोखिम प्रोफाइलर एक प्रश्न सूची होती है जिसमें किसी निवेशक को "क्षमता" और "इच्छा" दोनो के बारे में प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।

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योजना संबंधी दस्तावेज क्या होते हैं? ये दस्तावेज क्या जानकारी प्रदान करते हैं?

सभी म्यूचुअल फंड विज्ञापनों में एक संदेश होता है: “योजना संबंधी सभी दस्तावेजों को सावधानी के साथ पढ़ें।” ये दस्तावेज क्या होते हैं?

3 मुख्य दस्तावेज होते हैं: मुख्य जानकारी ज्ञापन (किम), योजना जानकारी दस्तावेज (एसआईडी) और अतिरिक्त जानकारी कथन (एसएआई)।

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जोखिम व प्रतिफल के बीच क्या आपसी संबंध होता है?

म्यूचुअल फंड में यह अक्सर सुना जाता है कि, ‘जितना अधिक जोखिम, उतना अधिक प्रतिफल’। क्या यह सत्य है?

यदि ‘जोखिम’ को पूंजी की हानि की संभाव्यता या निवेश मूल्य में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता के रूप में मापा जाता है तो परिसंपत्ति वर्गों जैसे एक्विटी निसंदेह सबसे अधिक जोखिम वाले होते हैं और बचत खाता या सरकारी बॉन्ड में रखा धन निसंदेह सबसे कम जोखिम होता है।

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म्युचुअल फंड्स में निवेश के क्या फायदे हैं?

हममें से अधिकाँश ही, खुद के निवेश के प्रबंधन के ख़याल मात्र से ही घबरा जाते हैं| व्यवसायिक फंड
प्रबंधक कंपनी के साथ ये सुविधा है कि वे शिक्षा, अनुभव और कौशल के आधार पर विविध क्रियाओं को अंजाम देने हेतु उचित व्यक्तियों को कार्यभार सौंपा देते है|
एक निवेशक की हैसियत से, आप खुद अपनी पूँजी निवेश कर सकते हैं या किसी व्यावसायिक फर्म की मदद ले सकते हैं| आप दूसरा विकल्प तब लेते हैं जब:

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क्या सभी म्यूचुअल फंड जोखिम भरे हैं?

हमारे प्रत्येक निवेश में जोखिम शामिल है केवल प्रकृति व डिग्री का अंतर है। यही चीज म्यूचुअल फंड पर भी लागू होती है।

जब निवेश पर लाभ की बात होती है, सभी म्यूचुअल फंड योजनाओं में समान जोखिम नहीं होते हैं।

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क्या अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मुझे कोई बाहरी सहायता मिल सकती है?

“मेरा बेटा 9वीं कक्षा में है। मुझे पक्का नहीं है कि उसकी रुचि क्या है या वह किस तरह की शिक्षा अपनाएगा। वह विज्ञान, वाणिज्य या कला में से क्या चुनेगा? क्या कोई मेरी सहायता कर सकता है?” बहुत से माता-पिता को यह चिंता होती है और यहीं पर व्यक्ति किसी ऐसे शिक्षक या कैरियर सलाहकार तक पहुंचता है जिसने युवाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर रखा है।

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म्यूच्यूअल फंड का चयन अति भ्रामक है?

ये सही है कि कई तरह की म्यूच्यूअल फंड योजनायें उपलब्ध हैं –इक्विटी, डेब्ट, मुद्रा बाज़ार, हाइब्रिड (वर्ण संकर) आदि और भारत वर्ष में ऐसे बहुत सारे म्यूच्यूअल फंड्स हैं जो आपस में सैंकड़ों योजनाओं का प्रबंधन करते हैं| इसी वजह से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी योजना विशेष पर लक्ष्य साधना जटिल और भ्रामक कार्य है|

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क्या होता है जब म्यूच्यूअल फंड कंपनी बंद हो जाती है या बिक जाती है?

जब कोई म्यूच्यूअल फंड कंपनी बिक जाती है या बंद हो जाती है, किसी भी मौजूदा निवेशक के लिए ये एक गंभीर चिता का विषय हो जाता है| चूंकि म्यूच्यूअल फंड्स SEBI द्वारा विनियमित होते हैं, इस प्रकार की संभावनाओं से निपटने के लिए प्रक्रिया भी निर्धारित हैं|

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क्या होगा अगर आपके लम्बी निवेशावधि के मध्य में ही बाज़ार गिरने लगें?

म्यूच्यूअल फंड निवेशक जो SIP के माध्यम से लम्बी अवधि के लिए निवेश करते हैं,  निवेशित अवधि में बाज़ार के गिरने को लेकर निरंतर चिंतित नज़र आते हैं| SIP कुछ म्यूच्यूअल फंड जोखिम जैसे बाज़ार की अस्थिरता और उसके निवेश का सही समय जैसे कारकों पर काबू पाने की नीयत से ही बनाए गए हैं| 

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क्या फंड मैनेजर जरूरी हैं?

उत्तर है 'हाँ'! यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि धन का प्रबंधन/निवेश करने में, अच्छे प्रदर्शन के लिए अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जितना अधिक अनुभव होगा, लाभदायक निवेश निर्णय लेने की संभावनाएं उतनी ही अधिक होंगी।

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निवेश के पहले क्या मेरे लिए स्टॉक, बांड या मुद्रा बाज़ार की जानकारी ज़रूरी है?

कल्पना करिए कि आपको सुदूर देश की यात्रा करनी है और हवाई जहाज़ आपका एकमात्र विकल्प है|
किन परिस्थितियों में, आपको विमान उड़ाने के लिए विमान के विविध नियंत्रणों के बारे मे जानना ज़रूरी होगा?
या फिर उन तमाम संकेतों की जानकारी जो एक विमान चालक को तमाम नियंत्रण टावर से मिलते हैं? या किस तरह से रेडियो सिस्टम / प्रणाली काम करती है?

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मेरे निवेशों का रिकॉर्ड कौन रखता है?

भारत में सभी म्यूचुअल फंड, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से विनियमित होते हैं। म्यूचुअल फंड विनियम स्पष्ट रूप से एसेट प्रबंधन कंपनियों (AMC) और कस्टोडियन की भूमिकाओं और उत्तरदायित्वों को निर्धारित करते हैं।  यह याद रखना जरूरी है कि प्रत्येक निवेशक को निवेश से पहले प्रभावी KYC प्रक्रिया को पूरा करना होता है। इसलिए, केवल PAN कार्ड धारक प्रामाणिक निवेशक ही म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश

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क्या होता है जब आप बीच में SIP किश्तों का भुगतान करना चूक जाते हैं?

निश्चित अवधि में SIP किश्तों के भुगतान न कर पाने से निवेशक म्यूच्यूअल फंड्स में आये नुकसान को लेकर चिंतित हो जाते हैं| ऐसे परिस्थिति कई वजहों से सामने आ सकती है, आप किसी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं या आपकी नौकरी या व्यापार के हालात  निश्चित नहीं है| ऐसी हालत में स्वाभाविक है कि आप नियमित रूप से SIP किश्तों का भुगतान नहीं कर सकेंगे| चूंकि SIP लम्बी अवधि के निवेश विकल्प होते हैं, इसमें कोई चि

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यह मैं कैसे जानूं कि कौन सा फंड मेरे लिए सही है?

एक बार जब निवेशक किसी म्यूचुअल फंड में निवेश का निर्णय लेता है तो उसे योजना के बारे में निर्णय लेना होता है - नियत आय, इक्विटी या बैलेन्स्ड और यह भी तय करना होता है कि वह किस ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के साथ निवेश करे। 

सबसे पहले, अपने सलाहकार से अपने निवेश उद्देश्य, निवेश की समय अवधि आपको जोखिम सहन क्षमता पर मुक्त रूप से चर्चा करें।

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मध्यावधि निवेश हेतु मैं किस म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करूं ?

४-६ वर्ष की अवधि को अगर हम बचत और निवेश निर्णय हेतु मध्यावधि मान कर चलते हैं, हमारा ध्येय यहाँ पूँजी में मूल्य वृद्धि होना चाहिए| कॉर्पोरेट बांड फंड्स और सकर (हाइब्रिड) फंड्स पूँजी वृद्धि के लिए सबसे उपयुक्त पाए गए हैं क्योंकि कि इक्विटी फंड्स की तुलना में ये कम अस्थिर है, इक्विटी फंड्स जो संपत्ति निर्माण में एक लम्बी अवधि के निवेश के लिए उपयुक्त साबित हुए हैं| कॉर्पोरेट बांड्स को उत्तम बांड्स

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निवेशक के देहांत हो जाने पर उसके म्यूच्यूअल फंड्स निवेश का क्या होता है?

म्यूच्यूअल फंड्स स्कीमों की कोई मैच्युरिटी तारीख नहीं होती, जब तक आप ELSS या FMPs जैसे क्लोज एंडेड स्कीमों में निवेश नहीं करते जिनकी एक निश्चित अवधि होती है| 
 

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म्युचुअल फंड क्या है?

ज़्यादातर लोगों को म्यूच्यूअल फंड्स पेचीदे और डरावने लग सकते हैं| हम आपके लिए बिलकुल बुनियादी स्तर पर इसे सरल और स्पष्ट करने की कोशिश करेंगे| दरअसल, बहुत सारे निवेशकों की धनराशि जमा होने पर ही म्यूच्यूअल फंड की सृष्टि होती है| इस फंड के प्रबंधन के लिए फंड प्रबंधक नियुक्त होते हैं|

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NAV क्या है?

 म्यूच्यूअल फंड के एक स्कीम विशेष का प्रदर्शन उसके नेट एसेट वैल्यू से लक्षित होता है|

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लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने के क्या लाभ हैं?

लंबी अवधि के लिए निवेश करें –अनेक म्यूचुअल फंड वितरकों व निवेश सलाहकारों द्वारा नियमित तौर पर दी जाने वाली सलाह। यह विशेष रूप से कुछ म्यूचुअल फंड जैसे इक्विटी तथा बैलेन्स्ड फंड के मामले में सही है।

आइये समझें कि पेशेवर लोग ऐसी सलाह क्यों देते हैं। लंबी अवधि में वास्तव में होता क्या है? लंबी अवधि तक निवेशित रहने में कोई लाभ है क्या?

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क्या मैं सभी दिनों में निकासी कर सकता हूँ या किन्ही विशेष दिनों पर?

ओपन ऐंड फंड सभी व्यावसायिक दिवसों पर मोचन की अनुमति देता है। यदि रिडम्पशन अनुरोध किसी निवेशक सेवा केन्द्र पर एक गैर-व्यावसायिक दिवस पर या एक विशेष निर्दिष्ट कट-ऑफ टाइम मान लीजिए 03:00 बजे दोपहर के बाद दिया जाता है तो यह संभव है कि यह अगले व्यावसायिक दिवस पर संसाधित हो। मोचन उसी विशेष दिवस की कुल संपत्ति के मूल्य)एनएवी) पर प्रोसेस किया जाता है। सभी मोचन मूल्यनिवेशक के बैंक खाते में

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क्या दीर्घ अवधि का अर्थ है कम जोखिम?

म्यूचुअल फंड के निवेशों के लिए उपयुक्त समय सीमा की जरूरत होती है। सही समय सीमा होने से न केवल अपेक्षित, निवेश रिटर्न (लाभ) हासिल करने के बेहतर अवसर मिलते हैं बल्कि निवेश में जोखिम भी कम हो जाता है।

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मैं अपना कितना निवेश निकाल सकता हूँ?

अधिकांश म्यूचुअल फंड योजनाएं ओपन ऐंड योजनाएं होती है जो किसी निवेशक को बिना किसी समय प्रतिबंध के पूरी निवेशित राशि को निकालने की अनुमति देती है।

केवल कुछ परिस्थितियों में योजनाएं रिडम्पशन पर प्रतिबंध लगाती हैं जो कि असामान्य परिस्थितियां होती हैं, जो बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ द्वारा निर्देशित होते हैं।

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पैसा लॉक नही हो जाता है। इसका निवेश होता है

म्यूचुअल फंड में, पैसा लॉक नहीं होता है। इसका निवेश होता है।

जब म्यूचुअल फंड में निवेश की बारी आती है तो सबसे आम सवाल होता है - 'क्या मेरा पैसा लॉक हो जाएगा?'

दो तथ्यों को नोट करना महत्वपूर्ण है:

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मैं अपना धन कितनी बार निकाल सकता हूँ?

किसी निवेशक के लिए किसी ओपन ऐंडेड स्कीम से धन निकालने पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है। जबकि कुछ मामलों में निकाली भार हो सकता है जो अंतिम हासिल राशि को प्रभावित कर सकता है, सभी ओपन ऐंड योजनाएं, तरलता को बेहतरीन लाभ के रूप में प्रस्तुत करती हैं।

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मैं कितनी जल्दी म्यूच्यूअल फंड्स से अपनी राशी निकाल सकता हूँ?

म्यूच्यूअल सबसे तरल परिसंपत्तियों में से एक हैं, अर्थात, इसको राशि में तब्दील करना सबसे आसान है| ऑफलाइन साधन के ज़रिये अगर फंड्स छुडाने हैं, इकाई धारक के लिए ज़रूरी है वो प्रतिदान आवेदन पर मय अपने हस्ताक्षर के, AMC या रजिस्ट्रार के निर्धारित दफ्तर पर जमा करा दे| इसमें विस्तृत विवरण जैसे इकाई धारक का नाम, फोलियो नंबर, स्कीम का नाम और छुडाने वाले इकाइयों की संख्या देना होता है| भुनाए गए इकाइयों से

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म्यूच्यूअल फंड्स में मुझे प्रतिफल कैसे मिलते हैं?

किसी भी और संपत्ति की तरह ही, म्यूच्यूअल फंड्स से अर्जित प्रतिफल का हिसाब एक अवधि में आये आपके निवेश में मूल्य वृद्धि को शुरुआती निवेश के साथ तुलना कर लगाया जाता है| म्यूच्यूअल फंड का नेट एसेट वैल्यू म्यूच्यूअल फंड का मूल्य है जिसका इस्तेमाल म्यूच्यूअल फंड निवेश पर अर्जित प्रतिफल की गणना करने में होता है| एक अवधि पर अर्जित प्रतिफल का हिसाब खरीद के वक़्त NAV और बेचने के वक़्त NAV के अंतर से लगाया

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मैं अपना निवेश कैसे निकाल सकता हूं?

किसी ओपन ऐंड योजना में निवेश को किसी भी समय रिडीम किया जा सकता है। जब तक कि यह इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम एमसी में निवेश न हो, जिसमें निवेश की तारीख से 3 वर्षों की लॉकिंग अवधि होती है, रिडम्पशन के लिए कोई प्रतिबंध नहीं होते हैं।

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लोड या भार क्या हैं?

हम जब लम्बी दूरी के सफ़र पर निकलते हैं, किसी पुल पर या मार्ग के प्रवेश पर टोल पर एक निश्चित रकम का भुगतान करना परता है, कभी निकलते वक़्त भी| बहुधा, टोल कंपनियों को एक निश्चित अवधि तक ही शुल्क लागू करने का अधिकार होता है जब तक निर्माण लागत की वसूली नहीं हो जाती है| उस अवधि के पश्चात टोल कंपनी को यात्रियों से शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं है|

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क्या कुछ ऐसे फंड हैं जिनमें निर्धारित समय के लिए निवेशित रहने की जरूरत होती है?

म्यूचुअल फंड योजना के सबसे बड़े लाभों में से एक इसकी तरलता है अर्थात निवेश को नगद में बदलने की सरलता।

सभी इक्विटी लिंक्ड सेविंग योजनाएं (ELSS) जिन पर धारा ८०c के अंतर्गत कर लाभ मिलता है, विनियमों के अनुसार उनके साथ 3 वर्षों के लिए 'लॉक-इन' यूनिट्स की ज़रूरत होती है, जिसके बाद वे रिडीम किए जाने के लिए मुक्त होते हैं।

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क्या निकासी भार वाले फंड में निवेश का कोई लाभ है?

आइये बैलेन्स्ड फंड पर विचार करें, जिसका लक्ष्य इक्विटी वाले भाग से वृद्धि व पूंजीगत लाभ देना और डेब्ट वाले हिस्से से आय व स्थिरता देना है। इस योजना में फिर भी काफी जोखिम होता है, क्योंकि इसका इक्विटी वाला हिस्सा 75% तक हो सकता है। यह केवल उन निवेशकों को अनुशंसित किया जाता है जिनके पास अच्छी जोखिम सहन शक्ति व लंबी समयावधि है।

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लाभांश क्या है?

किसी भी स्टॉक या म्यूच्यूअल फंड्स से अर्जित आय का वितरण लाभांश कहलाता है| पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज को बेचकर जब फंड मुनाफा कमाती है, म्यूच्यूअल फंड स्कीमें तब लाभांश का वितरण करती हैं|

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मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं ?

कल्पना करें कि आप अपने ट्रेवल एजेंट से ये सवाल कर रहे हैं - ‘मैं अपने यातायात के साधन का चयन कैसे करूं?’ जो पहली बात वो कहेगा/कहेगी, ‘ये इस बात पर निर्भर है कि आपको जाना कहाँ है?’ गर मुझे पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी है, ऑटो रिक्शा सर्वोत्तम विकल्प हो सकता है जबकि नई दिल्ली से कोची की यात्रा हेतु हवाई जहाज़ बढ़िया विकल्प होगा| छोटी दूरियों के लिए हवाई जहाज़ उपलब्ध नहीं और लम्बी दूरी के लिए ऑटो रि

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प्रतिफल (पैसों को ऐसे ना जाने दें। इसे बढ़ने दें!)

क्या विभिन्न प्रकार की म्यूचुअल फंड योजनाएं भिन्न-भिन्न प्रतिफल देती हैं?

“किसी व्यक्ति को म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों करना चाहिए? हम अनेक म्यूचुअल फंड के खराब प्रदर्शनों के बारे में सुनते रहते हैं। और म्यूचुअल फंड कोई गारंटी नहीं देते हैं। इन कमियों के होते हुए किसी को म्यूचुअल फंड में निवेश ही क्यों करना चाहिए? क्या उनसे कोई लाभ होता भी है?”

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क्या कुछ विशेष फंड हैं जो दीर्घ अवधि में संपत्ति (वेल्थ) का निर्माण करते हैं?

संपत्ति (वेल्थ) क्या है? यह क्या प्रयोजन (हित) पूरा करती है?

अनेक लोग इन प्रश्नों के उत्तर में कहेंगे - “अपने सपनों का जीवन जीना”, या “धन के बारे में चिंतित न होना”, या “वित्तीय रूप से स्वतंत्र होना”। समृद्ध होने का अर्थ है, व्यक्ति के उत्तरदायित्वों और सपनों के लिए खर्च करने हेतु पर्याप्त धन का होना।

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मुद्रास्फीति क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो, एक निश्चित अवधि में मूल्यों की उपलब्ध मुद्रा के सापेक्ष वृद्धि मुद्रा स्फीति या महंगाई कहलाती है| सम्बंधित रूप में कहें तो, पहले की तुलना में रूपए की क्रय क्षमता आज बहुत कम है| 

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क्या ऐसे फंड्स हैं जो त्रैमासिक भुगतान का प्रावधान रखते हैं?

अपने मासिक घरेलु खर्चों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अगर आप एक नियमित आय का प्रबंध चाहते हैं, आपको म्यूच्यूअल फंड के सिस्टेमेटिक विथड्रावल (SWP) प्लान पर विचार करना चाहिए| आपको सिर्फ इतना करना है कि किसी उपयुक्त योजना में एकमुश्त राशि निवेशित कर दें और साल भर बाद SWP की शुरुआत कर दें, जिसपर लघु अवधि पूँजी लाभ (STCG) कर की देयगी भी नहीं लागू होगी| योजना से प्राप्य (मिलने वाली) भुगतान राश

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क्या म्यूच्यूअल फंड्स ऐसे लोगों के लिए उपयुक्त हैं जो शेयर बाज़ार में निवेश नहीं करना चाहते?

कुछ लोग स्वयं को सुरक्षित रखते हुए जाने पहचाने विकल्प ही चुनते हैं| मान लें आप एक नए रेस्टोरेंट में हैं और मेनू (खाद्य तालिका) में कई अनोखे व्यंजन शामिल हैं| आप उसी व्यंजन का चुनाव करते हैं जिसके स्वाद से आप परिचित हैं, किसी नए व्यंजन को चुनकर आप बाद में पछताने से बचना चाहते हैं| आप कुसकुस पनीर सलाद की जगह पनीर या काठी रोल मंगाते हैं जिसके आप आदी हैं लेकिन साथ ही आप एक नए रेस्टोरेंट की सेवाएं,

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सुरक्षित भविष्य के लिए क्या FD और RD काफी नहीं?

रेकरिंग डिपॉजिट्स (आवर्ती जमा) या RD और फिक्स्ड डिपॉजिट्स (सावधि जमा) या FD हमारे देश के कुछ बेहद लोकप्रिय बचत के साधन हैं| ये सुरक्षित हैं और प्रतिफल दर की गारंटी की आश्वस्ति प्रदान करते हैं|

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क्या म्यूचुअल फंड संपत्ति निर्माण में सहायक हो सकते हैं?

संपत्ति निर्माण के रास्ते पर चलने वाले लोगों के साथ अपने पैसों का निवेश कर, व्यापार व कॉमर्स हमें संपत्ति निर्माण में सक्षम बनाते हैं। विभिन्न कंपनियों के स्टॉक में निवेश करके हम उद्यमियों के व्यवसायों में निवेशक हो सकते हैं। जब उद्यमी और मैनेजर अपने व्यापारों को कुशलता से,लाभ पैदा करते हुए चलाते हैं तो शेयरधारकों को लाभ होता है। इस संबंध में, म्यूचुअल फंड संपत्ति निर्माण का बेहतरीन तरीका हैं।<

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म्यूच्यूअल फंड बचत खाते या सावधि जमा (FD) की तरह एक निश्चित प्रतिफल दर क्यों नहीं देते?

म्यूच्यूअल फंड पोर्टफोलियो पर मिले प्रतिफल कई बातों की कार्यप्रणाली पर निर्भर है मसलन, निवेश के विविध वीथी जहां निवेश हुआ है, भिन्न बाज़ारों की अपनी गति, फंड प्रबंधक टीम की अपनी सक्षमता और निवेश की अवधि|

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म्यूच्यूअल फंड्स के प्रदर्शन को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?

हर म्यूच्यूअल फंड स्कीम का एक ध्येय होता है और उसका प्रबंधन पदांकित फंड प्रबंधक करता है, जिसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना होता है कि फंड का प्रदर्शन इष्टतम हो जिससे लक्ष्य प्राप्त हो सके|

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क्या लक्ष्यों को केवल लंबी अवधि के लिए होना चाहिए या छोटी अवधि के लिए?

नरेन्द्र, अपने सपनों के घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा जमा करना चाहता है। उसने किन्ही म्यूचुअल फंड योजनाओं में SIP शुरु की। हालांकि यह बहुत छोटी राशि थी लेकिन उसके लिए यह आसान था।

उसे सुखद आश्चर्य हुआ जब उसकी कंपनी ने कुछ स्टार कर्मचारियों को बड़ा नगद पुरस्कार दिया, और वह उनमें से एक था।

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सेवानिवृत्त लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए?

आम तौर पर सेवानिवृत्त व्यक्ति का अपना निवेश और बचत बैंक FDs, PPFs, स्वर्ण, अचल संपत्ति (रियल एस्टेट) बीमा, पेंशन योजना आदि में सुरक्षित रहता है| आवश्यकता के समय इन्हें तुरंत धनराशि में परिवर्तित करना मुश्किल होता है| चिकित्सा या किसी और तरह के आपातकाल स्थिति में ये अनुचित तनाव की सृष्टि करता है| म्यूच्यूअल फंड्स सेवानिवृत्त  लोगों को ज़रुरत के मुताबिक तरलता का विकल्प देते हैं, इन्हें भुनाना आसान

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प्रत्येक लक्ष्य के लिए एक योजना

जी हाँ, आपके जीवन के लक्ष्यों की योजना में सहायता के लिए म्यूचुअल फंड आदर्श हैं!

· श्री राजपूत 15-20 वर्षों में रिटायर होने के बाद, अंततः शहर से निकल कर पहाड़ पर एक फार्महाउस में रहने की योजना रखते हैं।

· श्रीमती पटेल को कोई रिटायरमेंट लाभ नहीं मिला। हालांकि उनके पास बचत है, लेकिन अब उनको अपने नियमित खर्चों के लिए निवेश से नियमित आय की जरूरत है।

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आर्थिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए क्या सुरक्षित निवेश काफी नहीं हैं?

कुछ तथ्य हमेशा ज़हन में रख लेने चाहिए, मसलन, रोज़मर्रा के खर्चे और विविध आर्थिक लक्ष्यो की लागत एक अवधि के बाद बढ़ जाती है| अगर मुद्रास्फीति ६% सालाना है, आपके लक्ष्य की लागत १२ वर्षों में करीबन दुगनी हो जायेगी| वहीं, मुद्रास्फीति गर ७% है, लागत कमोबेश दस साल में दुगनी होगी|

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आप किस प्रकार म्यूच्यूअल फंड्स के प्रदर्शन पर निगरानी रख सकते हैं?

आजके डिजिटल और सूचना युग में, निवेश पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर निगरानी रखना अपेक्षाकृत आसान हो गया है| यद्यपि आपके इस वित्तीय सफ़र में सलाहकार बेबदल सहभागी हैं, निवेशक को अपने निवेश सम्बन्धी थोड़ी जानकारी रखना उसके स्वयं के लिए अच्छा है| चिंता न करें, आपको विस्तृत स्प्रेडशीट और रेखांकनों के दिमागी कसरतों के साथ जूझने नहीं बैठना होगा|

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मिड कैप फंड्स क्या हैं?

बाज़ार पूंजीकरण एक स्टॉक के सम्पूर्ण बाज़ार पूंजीकरण का औसत है जो सारे मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज / बाज़ार में सूचीबद्ध है या सिर्फ उस एक स्टॉक बाज़ार का  सम्पूर्ण बाज़ार पूंजीकरण है जहां वो सूचीबद्ध है| 

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क्या भिन्न-भिन्न प्रकार के लक्ष्यों के लिए अलग-अलग फंड होते हैं?

बाज़ार में अनेक म्यूचुअल फंड योजनाओं के साथ कोई भी आसानी से यह विचार कर सकता है कि कौन सी योजना सर्वश्रेष्ठ हो सकती है। लेकिन, “सर्वश्रेष्ठ” का अर्थ समझना अधिक महत्वपूर्ण है।

अक्सर, लोग हाल ही की “सर्वश्रेष्ठ” प्रदर्शन करने वाली योजनाओं को चुन लेते हैं - वे योजनाएं जिन्होने हाल ही में उच्चतम लाभ दिए हैं।

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मैं अपने वित्तीय लक्ष्य किस तरह से पूरे करुं?

सबसे पहले तो अपने निवेश सम्बंधित ज़रूरतों के लिए सही योजना के चुनाव की आवश्यकता है। इसे इस तरह से देखिये :-

आप यात्रा के लिए परिवहन के साधन के चयन पर किस तरह से निर्णय लेते हैं? आप पैदल जाना चाहें, ऑटो रिक्शा लें या रेल गाडी या हवाई जहाज, यह सब कुछ उस यात्रा के लिए आपके पास उपलब्ध बजट व यात्रा समय पर निर्भर करता है।

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लम्बी अवधि के निवेश के लिए कौन सा म्यूच्यूअल फंड चुनें?

लम्बी अवधि के निवेश का मुख्य ध्येय (लक्ष्य) भविष्य में आने वाले खर्चों जैसे कॉलेज की पढ़ाई, घर, और सेवानिवृत/ रिटायरमेंट को पूरा करना है इसलिए एक ऐसे फण्ड का चुनाव ज़रूरी है जो पूँजी / संपत्ति सृजन में सहायता करते हैं| लम्बी अवधि के लक्ष्य १० या उससे अधिक की समय काल को लेकर होते हैं इसलिए इनके लिए इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स( >=६५% इक्विटी आवंटन) लम्बी अवधि के निवेश के लिए बढ़िया चुनाव साबित होते

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म्यूचुअल फंड के साथ मैं किस तरह के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकता हूँ?

म्यूचुअल फंड की सबसे बेहतरीन बात यह है कि आपके वित्तीय लक्ष्य चाहे कुछ भी हों, उनके लिए आप एक उपयुक्त योजना खोज सकते हैं।

तो यदि अपने रिटायरमेंट या बच्चे की भविष्य की शिक्षा के लिए योजना बनाने के लिए आपका कोई दीर्घकालीन वित्तीय लक्ष्य है, तो इक्विटी फंड पर विचार करना एक विकल्प हो सकता है।

यदि आपका लक्ष्य नियमित आय पैदा करना है, तो नियत आय फंड पर विचार कर सकते हैं।

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क्या म्यूच्यूअल फंड्स पासबुक जारी करते हैं?

कुछ छोटी बचत योजनायें और बैंक जहां पासबुक जारी करते हैं, वहीं म्यूच्यूअल फंड्स पासबुक की जगह खाता विवरण जारी करते हैं, पासबुक का मुख्य उद्देश्य बैंक के तमाम लेन-देन की गतिविधियों पर नज़र रखना है: जमा, निकासी, ब्याज जमा इत्यादि, वहीं म्यूच्यूअल फंड्स योजनाओं में भी मिलते–जुलते लेन-देन हो सकते हैं: खरीदी, राशि की वापसी, स्विच (बदली) लाभांश का पुनर्निवेश आदि|

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ULIP किस प्रकार म्यूच्यूअल फंड से अलग है?

ULIP इकाईबद्ध बीमा योजना का नाम है| यह एक ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी है जिसका एक निवेश अवयव भी है जो विभिन्न वित्तीय बाज़ारों में निवेशित होता है| निवेशित अवयव जिस प्रकार का प्रतिफल उत्पन्न करता है, वो पॉलिसी का मूल्य निर्धारित करता है| हालांकि, पॉलिसी धारक की मृत्यु पर मिलने वाली बीमाकृत राशि बाज़ार के कार्य अधिकार की देन हो, ऐसा ज़रूरी नहीं है- मिलने वाली न्यूनतम राशि अप्रभावित रह सकती है| दूसरे शब्दो

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ELSS क्या है?

ELSS इक्विटी बद्ध बचत स्कीम/योजना का नाम है, जो किसी व्यक्ति या HUF को आयकर एक्ट १९६१ के धारा ८०C के तहत १.५ लाख तक की आमदनी पर छूट प्रदान करता है|

इस प्रकार, अगर किसी निवेशक को ५०,०००/- ELSS में निवेश करने हैं, तब ये राशि उसके समूचे कर योग्य आमदनी से घटा दी जायेगी जिससे कर भार कम हो जाएगा|

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ETF क्या है?

ETF एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को कहते हैं जो नियमित म्यूच्यूअल फंड के विपरीत स्टॉक एक्सचेंज में साधारण स्टॉक जैसा कारोबार करते हैं|

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क्या हर महीने SIP की रकम में बदलाव संभव है?

म्यूच्यूअल फंड्स का SIP बहुत कुछ मैराथन दौड़ने जैसा ही है| मैराथन धावक सारे वर्ष इसकी तैय्यारी करते हैं और अपने लक्ष्य को, जैसे वो आगे बढ़ते जाते हैं, हर साल कुछ और ऊंचा करते जाते हैं| इसकी शुरुआत एक महत्वाकांक्षी दौड़ से होती है जो आगे चलकर आधा मैराथन और अंततः पूरा मैराथन में परिवर्तित हो जाती है| ऐसा ही SIP के साथ भी होता है| 

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मैं अपने निवेशों पर नियमित रूप से कैसे निगरानी रख सकता हूँ?

निवेशक अक्सर सोचते हैं कि अपने निवेश की प्रगति की निगरानी कैसे करें।

यह किसी क्रिकेट मैच में एक लक्ष्य का पीछा करने जैसा है। किसी क्रिकेट मैच में बाद में बैटिंग करने वाली टीम को समीकरण पता होता है- कितने रन, कितने विकेट और कितने ओवर।

अपने वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश करने के लिए भी कुछ ऐसा ही होता है। वित्तीय लक्ष्यों को टारगेट स्कोर मानिए-

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म्यूच्यूअल फंड्स में कराधान नियम और निहितार्थ क्या हैं?

म्यूच्यूअल फंड्स निवेश पूँजीगत लाभ कर का विषय हैं जिसकी अदायगी म्यूच्यूअल फंड्स होल्डिंग्स (ईकाइयों) को बेचकर या छुड़ाकर उससे अर्जित लाभ पर की जाती है| यह लाभ योजना के NAV के खरीदने और बेचने के दिन और उनके मूल्यों के अंतर से अर्जित है(  बिक्री मूल्य - खरीद मूल्य) पूँजीगत लाभ को उसके धारण अवधि के आधार पर पुनः वर्गीकृत किया जाता है| उन इक्विटी फंड्स के लिए (फंड्स जिसमे इक्विटी अनाश्रयता>=६५%),

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क्या म्यूच्यूअल फंड्स में रोज़ निवेश करना चाहिए?

बचपन से ही हम सब कछुए और खरगोश की कहानी सुनते आये हैं – धीमी, सधी और स्थिर चाल ही जीत दिलाती है| यह नैतिक उक्ति जीवन के हर क्षेत्र में प्रासंगिक और सही साबित हुई है, निवेश क्षेत्र में भी| इसलिए SIP निवेशकों में लोकप्रिय हो पाए हैं जिसके अंतर्गत नियमित बचत और निवेश होता रहता है जो लम्बी अवधि में संपत्ति सृजन में सहायक होते हैं|

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सिर्फ ₹ 500 से शुरुआत कर सकते हैं!

आप हर माह केवल .500 से म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं!

लोगों को लगता है कि अर्थपूर्ण लाभ के लिए, म्यूचुअल फंड में बड़ी राशि का निवेश जरूरी है। दरअसल आप ₹. 500 प्रति माह की छोटी सी राशि के निवेश से शुरुआत कर सकते हैं और अपनी आय के बढ़ने के साथ-साथ अपने निवेश को धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं।

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म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश के मुख्तलिफ तरीके क्या हैं-प्रत्यक्ष/वितरक के ज़रिये/ब्रोकरेज हाउस/ऑनलाइन/ऑफलाइन?

म्यूच्यूअल फंड स्कीम में निवेश आरम्भ करने के कई तरीके हैं|

निवेशक आवेदन पत्र को विधिवत पूर्ण कर, एक चेक या बैंक ड्राफ्ट के साथ शाखा दफ्तर या नामांकित इन्वेस्टर सर्विस सेंटर्स (ISC) जो म्यूच्यूअल फंड्स के होते हैं, के पास या म्यूच्यूअल फंड्स के ही रजिस्ट्रार और ट्रान्सफर एजेंट्स के पास दाखिल कर, निवेश आरम्भ कर सकते हैं|

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निवेश करना बचत करने से बेहतर क्यों है?

कल्पना करें एक ५० ओवर के मैच में # ६ बल्लेबाज़ बल्लेबाज़ी करने ५ वें ओवर में ही आता है| उसका काम पहले सुनिश्चित करना है कि अपना विकेट न गँवाए और फिर रन बनाने में ध्यान केन्द्रित करे|
 

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म्यूच्यूअल फंड्स में मेरे निवेश के प्रमाण स्वरुप कौन से दस्तावेज़ मुहैय्या कराये जाते हैं?

एक बार म्यूच्यूअल फंड योजना में निवेश के पश्चात् सारे विवरण जैसे लेन-देन की तिथि, निवेशित राशि, यूनिट / इकाइयों का खरीद मूल्य और कितने यूनिट्स / इकाई आपको आवंटित हुए, आपको खाता विवरण द्वारा प्राप्त हो जाता है|

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क्या मै ₹. 500 से शुरु करके इसे बढ़ा सकता हूँ?

हाँ, आप ऐसा कर सकते हैं। संपत्ति निर्माण का लोकप्रिय निवेश सिद्धांत ‘जल्दी शुरु करें।,नियमित निवेश करें, दीर्घ अवधि के लिए निवेश करें’ है। चाहे निवेश रु. 500 का ही हो, यात्रा शुरु करना महत्वपूर्ण है।

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मैं किस प्रकार म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश आरम्भ कर सकता हूँ?

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश आरम्भ करने से पहले कुछ मूलभूत औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं जो या तो सीधे संपत्ति प्रबंधन कंपनी(AMC)के दफ्तर में या औथोराइज्ड पॉइंट ऑफ़ एक्सेप्टेन्स(POA)पर पूरी होती हैं या फिर किसी आधिकारिक मध्यस्थ जैसे सलाहकार, बैंकर वितरक या ब्रोकर की सहायता ली जा सकती है|

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क्या म्यूचुअल फंड काफी समय से मौजूद हैं?

दुनिया में विभिन्न पारंपरिक प्रारूपों में काफी समय से सामूहिक तथा एकीकृत निवेश मौजूद हैं। जैसा कि हम जानते हैं 1924 में म्यूचुअल फंड मौजूद थे, जिसके निर्माता मेसाचुएट्स इन्वेस्टर्स ट्रस्ट थे।

म्यूचुअल फंड उद्योग की वृद्धि के साथ तीन व्यापक रुझान शामिल थे:

1.प्रबंधन के अंतर्गत परिसंपत्तियों में प्रभावशाली वृद्धि-अधिकाधिक निवेशक म्यूचुअल फंड को अपनाते हैं।

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क्या NRI भारत के म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकता हैं?

हाँ, प्रवासी भारतीय, NRI और भारतीय मूल का निवासी (PIO) भारतीय म्यूच्यूअल फंड्स में पूर्ण प्रत्यावर्तन या गैर प्रत्यावर्तन के आधार पर निवेश कर सकता है|

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SIP की शुरुआत/खात्मा कैसे हो? एक किश्त चूकने पर क्या स्थिति होगी?

किसी भी म्यूच्यूअल फंड में निवेश से पहले आपको KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होती है| यह नाम और पते के सबूत के तौर पर कुछ दस्तावेजों के जमा होने से पूरी होती है| SIP के आरम्भ और ख़त्म करने की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं आसान है| SIP आरम्भ करने की प्रक्रिया बायीं और दिए गए रेखा चित्र द्वारा स्पष्ट किया गया है|

क्या होता है जब आप एक किश्त भरना चूक जाते हैं?

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SIP क्या हैं?

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्यूच्यूअल फंड्स द्वारा प्रस्तावित एक ऐसा निवेश का जरिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति एक निर्धारित रकम, नियमित अंतराल में म्यूच्यूअल फंड्स के किसी स्कीम में – जैसे मासिक या त्रैमासिक, बजाय एक मुश्त रकम की अदायगी के, निवेश कर सकता है| यह किश्त ५०० रुपये प्रति माह की मामूली रकम भी हो सकती है जो बहुत कुछ रेकरिंग डिपाजिट (आवर्ती जमा) से मिलती-जुलती है| ये इसलिए

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परिसंपत्ति वर्ग के अलावा म्यूचुअल फंड योजनाओं को और किस तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है ?

विविधता जीवन का स्वाद है। । कुछ विविधता बस इसलिए होती है कि परिस्थिति को इसकी जरूरत होती है। तो जब आप खाना खाते हैं, आपको संतुलन बनाना होता है। आहार शरीर की कुछ जरूरी पोषण देते हैं: आपको ऊर्जा चाहिए, आपको सहनशक्ति की जरूरत है, आपको ताकत की आवश्यकता है, आपको अच्छी नज़र की जरूरत है - आपको यह सब आहार से मिलने वाले महत्वपूर्ण पोषकों वसा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन आदि से हासिल होता है। साथ ही

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इक्विटी फंड्स क्या हैं?

इक्विटी फंड म्यूच्यूअल फंड की वो स्कीम है, जो खासकर शेयर्स/कंपनी के स्टॉक्स में निवेश करती है| इन्हें ग्रोथ फंड (वृद्धि फंड) भी कहते हैं|

इक्विटी फंड्स सक्रिय या निष्क्रिय होते हैं| सक्रिय फंड में, फंड मेनेजर बाज़ार की जांच कर, कंपनियों पर शोध कर उनके प्रदर्शन को परख, सबसे बेहतर विकल्पों को चुनता है|
 

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प्रत्यक्ष योजना/नियमित योजना क्या है?

सब म्यूच्यूअल फंड स्कीमें योजनाओं में दो विकल्प प्रदान करती हैं- प्रत्यक्ष और नियमित| प्रत्यक्ष योजना में, निवेशक AMC के साथ सीधे निवेश करता है जिसमें लेन-देन की प्रक्रिया में कोई वितरक शामिल नहीं होता| नियमित योजना में, निवेशक किसी मध्यस्थ जैसे वितरक, ब्रोकर या बैंकर की मदद से निवेश करता है और इन्हें AMC वितरण शुल्क देती है, जो योजना पर आवेशित कर दिया जाता है|

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दीर्घ अवधि लघु अवधि आपका चुनाव

म्यूचुअल फंड लघु अवधि के लिए आदर्श हैं या दीर्घ अवधि के लिए?

"म्यूचुअल फंड, लघु अवधि के लिए अच्छे बचत साधन हो सकते हैं।"

“अपने म्यूचुअल फंड निवेशों को लेकर आपका धैर्यवान होना ज़रूरी है। परिणाम देने में समय लगता है।”

ऊपर के दोनो कथनों के साथ लोगों का अक्सर सामना होता है, जो कि स्पष्ट रूप से विरोधाभासी हैं।

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तो क्या मैं 8 माह बाद की अपनी छुट्टियों के लिए अभी निवेश कर सकता हूं?

म्यूचुअल फंड के बारे में लिखे गए लेख, आम तौर पर कुछ दीर्घावधि लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लिखे जाते हैं और ऐसा लगता है कि दूसरे लक्ष्यों को, विशेष रूप से लघु अवधि के लक्ष्य जो निवेशक रखते हैं, उनको हासिल नहीं किया जा सकता है।

आइये इस मिथक को एक उदाहरण से तोड़ते हैं।

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डेब्ट फंड्स क्या है?

डेब्ट फंड ऐसा म्यूच्यूअल फंड स्कीम है जो निश्चित आय उपकरणों में निवेश करता है, जैसे कॉर्पोरेट और सरकारी बांड, कॉर्पोरेट डेब्ट सिक्योरिटीज और मुद्रा बाज़ार उपकरण आदि जो पूँजी में मूल्य वृद्धि प्रस्तावित करते हैं|

डेब्ट फंड्स, आय फंड और बांड फंड के नाम से भी जाने जाते हैं|

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हाइब्रिड फंड क्या हैं?

हमारे भोजन का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि हमारे पास वक़्त कितना है, प्रयोजन क्या है और हमारा मिज़ाज कैसा है| अगर जल्दबाज़ी में हैं जैसे दफ्तर में या बस या रेल यात्रा के पहले, तो संमिश्रन भोजन/कॉम्बो मील सही होगा और यदि ऐसा कोई चर्चित/लोकप्रिय मील हम जानते हैं, हम बिना मेनू देखे उसे ले लेंगे| फुर्सत से किये गए भोजन में मेनू से हम अपने मर्ज़ी और चाहत से कई तरह के व्यंजन शामिल करते हैं|

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म्यूच्यूअल फंड्स में ब्याज की दर क्या होती है?

 जगत में मुफ्त कुछ भी नहीं है| हर वो शय या सेवा जिसका हम प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से  उपभोग करते हैं, उसका भुगतान करते हैं| उदाहरण स्वरुप, एक पार्किंग की जगह का एक निश्चित समयावधि के उपभोग के एवज में शुल्क दिया जाता है| कूरियर से सामान भेजते वक़्त सामान के वज़न का और प्राप्तकर्ता तक तयशुदा दूरी का, एक निश्चित शुल्क देना पड़ता है| जब आप किसी से उधार लेते हैं, देनदार आपसे उधार की निश्चित राशि और समया

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एक फंड से दूसरी कंपनी के फंड में मैं कैसे स्विच / परिवर्तित कर सकता हूँ?

निवेशक बेहतर वित्तीय योजना बनाने की खातिर एक ही फंड हाउस के एक खुले स्कीम से दूसरे स्कीम में स्विच करते रहते हैं| एक ही फंड हाउस में स्विच करने के लिए मूल स्कीम से जिस स्कीम में स्विच करना है, उस स्कीम का नाम और जितनी इकाईओं को या रकम को स्विच करना है, स्विच फॉर्म में ये सारी जानकारी भर दें|  याद रहे, दोनों ही स्कीमों के, जिससे आप निकल रहे हैं और जिसमें आप जा रहे हैं, आपको न्यूनतम निवेश राशि की

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पांच वर्षीय अवधि के लिए उत्तम म्यूच्यूअल फंड योजनायें कौन सी हैं ?

ये सर्वप्रथम जान लिया जाए, उपरोक्त प्रश्न का सटीक उत्तर क्या होगा|
निवेशकों के साथ पारस्परिक विचार–विमर्श के बाद हमने ये अनुभव किया कि ज़्यादातर मामलों में, एक दबी-छुपी अनभिव्यक्त ज़रुरत है ये मालूम करने की कि एक निश्चित अवधि में, किस योजना के अंतर्गत किया गया निवेश सर्वाधिक लाभदायक सिद्ध होगा|

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गोल्ड फंड में क्यों निवेश करें जब गोल्ड में निवेश कर सकते हैं?

गोल्ड ETF वह एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है जो घरेलु भौतिक गोल्ड (स्वर्ण) के मूल्य पर निगरानी रखती है| ये निष्क्रिय निवेश उपकरण हैं जो स्वर्ण के मूल्यों पर आधारित हैं और गोल्ड बुलियन में निवेश करते हैं| भारत में, स्वर्ण आम तौर पर आभूषणों के रूप में धरण किये जाते हैं, जिसका एक बनायी और अपव्यय कारक होता है (बिल मूल्य के १०% से भी ज्यादा) गोल्ड फंड में निवेश में इन कारकों का अस्तित्व नहीं होता|

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क्या म्यूच्यूअल फंड्स निवेशक कोष के परिनियोजन के चलते परिसम्पत्ति आवंटन में भी बदलाव कर सकते हैं?

एक म्यूच्यूअल फंड स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के तहत विविध परिसंपत्ति वर्ग में निवेश करता है| आम तौर पर किसी योजना/स्कीम के प्रस्तावित परिसंपत्ति आवंटन के उदाहरण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:
एक इक्विटी फंड ८०% से १००% इक्विटी फंड में निवेश कर सकता है|

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निवेश आरम्भ करने के बाद भी क्या मैं निवेश की अवधि में फेर – बदल कर सकता हूँ?

SIP के ज़रिये म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश निवेशक को बहुत लचीलापन प्रदान करते हैं|  निवेशक निवेशित राशि पर, अवधिकाल पर और निवेश की आवृत्ति पर (साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक आदि) अपनी पकड़ जमाये रख सकता है|
एक बार SIP आरम्भ करने पर, क्या आप अपने शुरुआती चुनाव का, अवधि के अंत तक पालन करने को बाध्य या वचनबद्ध होते हैं?

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सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) क्या है?

नियमित आय की दृष्टि से कुछ लोग म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करते हैं और लाभांश प्राप्ति के विकल्प पर भी नज़र होती है| चुनांचे, बहुधा ऐसी योजनायें, खासकर डेब्ट से ताल्लुक रखने वाली, आपको मासिक या त्रैमासिक लाभांश का विकल्प देती है| ये जान लेना ज़रूरी है कि ये लाभांश योजनाओं से मिली वृद्धि से ही वितरित किए जाते हैं जिनकी हर महीने कोई गारंटी नहीं है, यद्यपि समरूप लाभांश की, फंड गृह की हमेशा कोशिश रहती

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लिक्विड फंड्स क्या हैं?

विडियो देखने के बाद जो बात गौर तलब है वो यह कि सभी स्थितियों में छोटी अवधि के लिए रकम निष्क्रिय पड़ी है| कुछ हालातों में, ठीक किस वक़्त रकम निकालना है, इसकी जानकारी नहीं होती| एक निवेशक भला क्या करे? रकम को कहाँ रखा जाए?

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डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं?

डेब्ट फंड उन निवेशकों के लिए हैं जो पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं या निवेश से नियमित आय चाहते हैं और/या छोटी अवधियों के लिए धन को रखना चाहते हैं।

 डेब्ट फंड भी कई प्रकार के होते हैं।

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क्या इक्विटी फंड के भिन्न-भिन्न प्रकार उपलब्ध हैं?

निवेशकों की भिन्न-भिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के इक्विटी फंड की जरूरत होती है। इन सभी का व्यापक उद्देश्य लंबी अवधि में लाभ पैदा करना होता है।

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क्या कोई व्यक्ति म्यूचुअल फंड योजना का उपयोग करके एक से अधिक परिसंपत्ति वर्गों में निवेश कर सकता है?

एकल परिसंपत्ति श्रेणी में निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड योजनाएं विशेषज्ञ बॉलर या बैट्समैन जैसी होती हैं। जहां पर कुछ अन्य योजनाएं जिनको हाइब्रिड फंड कहते हैं, एक से अधिक परिसंपत्ति श्रेणियों में निवेश करते हैं जैसे कुछ इक्विटी व डेब्ट दोनो में निवेश करते हैं । कुछ लोग इक्विटी और डेब्ट के अलावा सोने में निवेश कर सकते हैं।

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यदि मैं समय से पहले निकासी करुं तो क्या दंड लगेगा?

प्रत्येक ओपन एंडेड योजना लगभग पूरी स्वतंत्रता के साथ तरलता का प्रस्ताव करती है, अर्थात रिडम्पशन के लिए समय या राशि पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है। हालांकि, कुछ योजनाएं समय से पहले निकासी भार हो सकता है।

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किस उम्र में निवेश शुरु किया जाना चाहिए?

आय व व्यय के उच्च अवसरों के कारण रहीम व सुरेश मुंबई आ गए।

सुरेश ने आय के अवसरों को देखते हुए जीन का आनंद लेने का निर्णय लिया। दूसरी ओर रहीम ने इस शहर में बने रहने के लिए अपनी आय को बचाने व निवेश करने का निर्णय लिया।

रहीम को सुरेश की जीवन शैली का पता चलने से चिंता हुई और उसने युवा रहते संख्याओं के साथ निवेश के लाभ को समझाया।

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किसी व्यक्ति को म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों करना चाहिए?

लोगों को म्यूचुअल फंड में नहीं बल्कि उनके माध्यम से निवेश करना चाहिए।

इसे समझने के लिए, हम अपनी जरूरतों के अनुसार विभिन्न निवेश मार्गों में निवेश करते हैं जैसे पूंजी वृद्धि के लिए हम इक्विटी शेयरों में निवेश करते हैं, पूंजी सुरक्षा व नियमित आय के लिए हम नियत आय उत्पादों में निवेश करते हैं।

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दो या उससे ज्यादा किश्तों की अदायगी में गर चूक हो जाए, म्यूच्यूअल फंड क्या करेगा?

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश आप नियमित निवेश या फिर एक मुश्त निवेश के ज़रिये कर सकते हैं| पहले विकल्प में निवेश की प्रायिकता आप स्वयं निर्धारित कर सकते हैं| SIP की सहायता से आप दैनिक/ साप्ताहिक/ मासिक की प्रायिकता का चुनाव कर निवेश को स्वचालित कर सकते हैं|

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किसी को किसी म्यूचुअल फंड में कितने समय तक निवेश किए रखने की जरूरत होती है?

किसी निवेश मार्ग को चुनने से पहले सबसे महत्वपूर्ण विचारों में से एक अपेक्षित “समय सीमा” है, अर्थात दिन, माह या वर्षों में वह समय जिसके लिए कोई निवेशक निवेश का इरादा करता है।

और यह क्यों जरूरी है?

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डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स क्या है?

म्यूच्यूअल फंड स्कीमों से मिलने वाले लाभांश निवेशकों के हाथ में तो कर मुक्त ही नज़र आता हैं लेकिन, मूल में ही डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) की कटौती हो जाती है| स्कीम द्वारा DDT अदा करने के पश्चात निवेशकों के लिए बची अतिरिक्त राशि में कमी आ जाती है| वर्तमान में इक्विटी ओरिएंटेड स्कीमों पर (स्कीम जिनमें >=६५% इक्विटीज को आवंटित) १०% DDTके साथ १२% सरचार्ज और ४% सेस लागू होता है जिससे प्रभ

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वित्तीय बाज़ारों में KYC को क्यों समाविष्ट किया गया?

KYC को प्रस्तावित करने के मुख्य कारणों में से एक था धोखाधड़ी, कर चोरी और काले धन को वैध बनाने वाले मामलों को सीमित/प्रतिबंधित करना| इनको सठीक करने के लिए ये ज़रूरी था की किसी भी लेन-देन के कारोबार का मूलस्रोत और गंतव्य मालूम किये जाएँ| यहाँ KYC को सशक्त किया गया, बैंक खाते और निवेश के क्षेत्र में इस प्रक्रिया को अनिवार्य और सख्त बनाया गया|

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इक्विटी और डेब्ट फंड में क्या फर्क है ?

“क्या सारे म्यूच्यूअल फंड एक से नहीं हैं? आखिरकार, म्यूच्यूअल फंड ही तो हैं, नहीं?” गोकुल का प्रश्न है| उसका मित्र जो म्यूच्यूअल फंड वितरक है, मुस्कुरा देता है| ऐसे जुमलों से उसका बहुत बार वास्ता पड़ चुका है|

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किसी म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत करने के लिए आदर्श धनराशि कितनी है?

निवेश की शुरुआत करने के लिए आदर्श धनराशि को लेकर संभावित निवेशक के दिमाग में अनेक प्रश्न उत्पन्न होते हैं। लोग म्यूचुअल फंड को बस एक और निवेश मार्ग के रूप में देखते हैं। क्या यह सही है? क्या म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, डिबेंचर या कंपनियों के शेयर की ही तरह निवेश का एक और साधन है?

म्यूचुअल फंड निवेश का एक साधन मात्र नहीं है, बल्कि विभिन्न निवेश साधनों तक पहुंचने का एक वाहन है।

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स्कीम के चयन प्रक्रिया में एक निवेश सलाहकार या म्यूच्यूअल फंड वितरक की क्या भूमिका है ?

सामान्यतः, जब लोग स्वतः स्कीम का चयन करते हैं, उस स्कीम के प्रदर्शन को मद्देनज़र रख करते हैं| इस बात पर तवज्जो नहीं होती कि पिछले प्रदर्शन उसी तरह जारी नहीं भी रह सकते हैं| निहित गुन्वत्ताओं द्वारा जैसे स्कीम का उद्देश्य, निवेशजगत, फंड द्वारा लिए गए जोखिम आदि, स्कीम विशेष की कार्यप्रणाली को जांचने में सहायक होते हैं| इन सबके लिए निवेशक को वक़्त और कोशिश दोनों लगाने पड़ते हैं| अलावा इसके, एक निवेशक

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क्या म्यूच्यूअल फंड्स में ऑनलाइन निवेश करना सुरक्षित है?

आपको अपना पहला हवाई जहाज़ उड़ान का अनुभव याद है? क्या एक अजीब मतली सा अनुभव, एक घबराहट सी नहीं हुई थी? जहाज़ जब आसमान में ३०,००० फुट  की ऊंचाई पर पहुँचा, आप कुर्सी की पेटी कसे हुए, एक काबिल विमान चालाक और मैत्रीपूर्ण रवैय्या लिए सहायक कर्मचारियों के हवाले खुद को कर आश्वस्त नहीं हो गए थे?

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क्या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए मुझे बड़ी धन राशि की जरूरत नहीं है?

लोग सोचते हैं कि म्यूचुअल फंड अभिजात्य निवेश हैं जो केवल अमीरों के लिए बने हैं। तथ्य यह है कि: म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए किसी व्यक्ति को बड़ी धन राशि की जरूरत नहीं है, आप सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान के अंतर्गत रु.500 जैसी छोटी राशि से या रु.5,000 के कुल निवेश के साथ अधिकांश फंड में निवेश कर सकते हैं। 

न्यूनतम धन राशियों को इतना कम रखने की क्या जरूरत है?

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स्टॉक या बॉन्ड में सीधे निवेश न करके म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश क्यों करें?

स्टॉक या बॉन्ड में कभी-कभार निवेश कर सकते हैं लेकिन अपने निवेश के प्रबंधन के लिए म्यूचुअल फंड की सहायता लेना बेहतर विचार है।

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भारत में म्यूचुअल फंड की स्वीकार्यता कितनी विविधतापूर्ण है?

1964 में शुरु होने के बाद से म्यूचुअल फंड से प्रबंधित परिसंपत्ति का मूल्य बढ़ कर अब (31 जनवरी 2017 को) ₹17.37 लाख करोड़ हो गया है।

इस प्रभावशाली वृद्धि का कारण मज़बूत भारतीय अर्थव्यवस्था, बेहतर विनियम, प्रतिष्ठित भारतीय और विदेशी संपत्ति प्रबंधक और भारतीय निवेशकों में पसंदीदा एसेट वर्ग के रूप में म्यूचुअल फंड की बढ़ती स्वीकार्यता है।

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